Assam Tea Sellers

Direct
From Assam

From 2015

ORIGINALITEA P LTD,

CIN U51900AS2020PTC020418, GSTN 18AADCO2473K1Z6 and FSSAI 10021071000052

Home

Here, we have published articles related to tea and tea business, written by experts and by everyday tea users. This articles will give you an indepth insights on tea. These will help you take right decissions when you buy tea for your business or for your home use.



Previous     1   2   3   4  
चाय ब्लेंडिंग करने का सरल उपाय
       

        चाय सम्मिश्रण या ब्लेन्डिंग करने और इसे उच्च गुणवत्ता वाले चाय बनाने के लिए सरल प्रक्रिया के जानकारी लिए। अपनी पैकेट चाय या अपने खुद के ब्रांड को चालू करने के लिए चाय ब्लेन्डिंग महत्वपूर्ण है। ब्लेन्डिंग एक आसान काम है एक साधारण भाषा के ब्लेन्डिंग में एक साथ कुछ वस्तुओं का ब्लेन्डिंग करने का मतलब है। आप अपनी पैकेट चाय गुणवत्ता में सुधार के लिए चाय के एक या एक से अधिक ब्लेन्डिंग बना सकते हैं। क्या आपने देखा है, लगभग सभी पैकेट वाली चाय चार या पांच प्रकार के चाय के सम्मिश्रण या ब्लेन्डिंग हैं। चाय के बुनियादी स्वाद को बदलने के लिए चाय का ब्लेन्डिंग मुख्य रूप से किया जाता है। दूसरे, चाय के स्वाद और स्वाद को बढ़ाने के लिए। तीसरा, पूरे साल चाय की एक समान गुणवत्ता बनाए रखने या चाय के समान स्वाद को बनाए रखने के लिए। चौथाई, चाय की लागत में कटौती करने और इसे और अधिक किफायती बनाने के लिए। यदि आप चाय प्रौद्योगिकी के एक छात्र हैं, तो आप पहले से ही जानते है कि उत्पादन के बाद, चाय के आकार के अनुसार श्रेणीकृत किया जाता है। हर आकार के चाय को अलग-अलग स्वाद और सुगंध मिलते हैं। सरल नियम है चाय का बड़ा आकार है तो, ज्यादा सुवास है। दूसरी तरफ छोटे आकार के चाय दाना कड़क चाय बनाते हैं। इसका मतलब है, कि बी ओ पी एल कि ज्यादा सुगंध की तुलना में कड़ापन कम होगा । जबकि बी ओ पी एल, बी ओ पी के मुकाबले डास्ट अधिक कड़क होगा। क्या आपको याद है, आपने पिछला ट्रेन यात्रा में डिप टी पि थी। अगर आप उन छोटे चाय बैग खोलते हैं, तो आपको 2 ग्राम, पी डी या डास्ट मिलेगा या चाय के बैग में इन दोनो का ब्लेन्डिंग मिलेगा। सभी खरीदारों अच्छे खुसबु के साथ कड़क चाय पसंद करते हैं। लेकिन कितना कड़क होगा, वह भिन्न खरीदार का पसंद भिन्न होती है। कुछ लोग बहुत कड़क चाय पसंद करते हैं और कुछ मामूली कड़क चाय पसंद करते हैं। तो एक चाय को हर किसी का पसंदीदा कड़क चाय बनाने के लिए आपको इसे छोटे ग्रेड के साथ ब्लेन्डिंग करके इसका ताकत बढ़ाना है, या उच्च गुणवत्ता वाला मेहेंगा कड़क चाय खरीदना है । इसी प्रकार, इसके खुसबू को बनाए रखने या बढ़ाने के लिए, या तो बड़ा आकार का दाना का उपयोग करें या मेहेंगा चाय के व्यवहार करे। किन्तु महंगा चाय के साथ बाजार में चलना मुश्किल है। इस लेख की शुरुआत में, हमने बला कि, लगभग सभी पैकेट चाय निर्माताओं चार / पांच प्रकार की चाय का उपयोग करते हैं। कृपया अपना घरका चाय पाउच को जांचें। आपको इसमें चार / पांच प्रकार की चाय मिलेगी। कुछ बड़े दाना, कुछ मध्यम, कुछ छोटे होते हैं, कुछ काले हैं और कुछ भूरे रंग के होगा । यहां तक ​​कि अगर आप अलग-अलग उत्पादन महीनों के एक ही चाय ब्रांड को खोलते हैं, तो बहुत ज्यादा संभावना यह है कि दो पैकेट में चाय के दाना का आकार बिल्कुल अलग है। आप यह भी पा सकते हैं कि दो उत्पादन महीनों में चायका स्वाद में अंतर हैं। जैसा कि हमने उल्लेख किया है, खुसबू के लिए बड़ा दाना का और कड़ापन के लिए छोटे दाना उपयोग किया जाता है। तो खुसबू के लिए बीपीएस, बीओपीएल, बीओपी या बीओपीएसएम का उपयोग करें। बीपीएस और बीओपीएल बड़े आकार के होते हैं, इसलिए ये देखने में इतना अच्छा नहीं लगते। इसलिए यदि आप इन दो ग्रेड का उपयोग करते हैं तो इन्हें जितना संभव हो, उतना कम उपयोग करें, अधिकतम पांच से दस प्रतिशत बीओपी का आकार ग्राह्य लगता है, तो इसका उपयोग मात्रा, बीस प्रतिशत हो सकता है बी ओ पि एस ऍम में खुसबू और कड़ापन मौजूद रहता हैं, इसीको अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है यदि आप तीस प्रतिशत तक बी ओ पि एस ऍम का उपयोग करते हैं, तो यह चाय की गुणवत्ता में वृद्धि करेगा। इसी प्रकार बी पी में कड़ापन और खुसबू दोनोही मौजूद रहता हैं। वास्तव में, हम बी ओ पी एस एम और बी पी को प्रीमियम ग्रेड के रूप में मानते हैं और आम तौर पर इन दोनों ग्रेड अन्य ग्रेड की तुलना में ज्यादा क़ीमत मिलता हैं। बी पी को चाय के ब्लेन्डिंग में पचास साठ प्रतिशत या अधिक रखा जा सकता है। ओ एफ ग्रेड में खुसबू से अधिक कड़ापन शामिल हैं एक ब्लेन्डिंग में बीस या तीस प्रतिशत आपको बहुत कड़क चाय देगा। पी डी और डस्ट इसी तरह बहुत कड़क चाय और बहुत खुसबू के लिए कम होते हैं। दस प्रतिशत पी डी आम तौर पर किसी भी अच्छा ब्लेन्डिंग के लिए पर्याप्त है यह बीओपी या बीओपीएसएम जैसे बड़े आकार के मुकाबले पी डी और डस्ट आपकी चाय बहुत जल्दी बनायेगा। यह ज्यादातर चाय बैग बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। हमारे सुझाव, चाय के मिश्रण में दो या तीन प्रतिशत का उपयोग करें। लागत में कटौती और पूरे वर्ष के समान गुण बनाए रखने के लिए, आप इन सभी ग्रेड के प्राइमरी और सेकेंडरी, दोनों का उपयोग कर सकते हैं। चाय बगीचा आम तौर पर अप्रैल से मई तक बेहतर चाय बनाते हैं। जून से अगस्त के दौरान सर्वश्रेष्ठ चाय. फिर सितंबर-नवंबर से बेहतर चाय। सिवाय पूजा फ्लश के दौरान। दिसंबर से जनवरी तक हलका चाय, मध्य जनवरी से लेकर मार्च तक आम तौर पर पूर्वी भारतीय चाय बगीचा में उत्पादन बंद रहता है। इस कैलेंडर के आधार पर आप प्राइमरी या सेकेंडरी मात्रा में वृद्धि या कमी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए जून से अगस्त तक, जब चाय सबसे अच्छी गुण का है, तो आप सेकेंडरी चाय की वृद्धि और प्राइमरी चाय का कटौती कर सकते हैं। इस तरह आप एक ही मान और कम कीमत बनाए रख सकते हैं। फिर से जब चाय केवल दिसंबर के दौरान हलकी हो जाती है, तो आप प्राइमरी वृद्धि कर सकते हैं या सेकेंडरी के उपयोग कम या बंद कर सकते हैं। जब आप असल में चाय का ब्लेन्डिंग करते हैं, तब हमेशा कोशिश करें कि सभी ग्रेड का रंग जितना संभव हो एक रंग दिखाना चाहिए । जब आप प्राइमरी के साथ सेकेंडरी ब्लेन्डिंग करते हैं तो एक रंग नहीं भी हो सकता है । इस बारे में लिए चाय खरीदने के समय ख्याल रखे । पश्चिम बंगाल में कई चाय बगीचा कृत्रिम रूप से, चाय को काला करते है, उससे चाय का कड़कपन कम हो जाता है । यह प्रकार चाय हमेशा सस्ता है और ब्लेन्डिंग के लिए अच्छा है। अपने क्षेत्र के लिए सबसे पसंदीदा ब्लेन्डिंग खोजने के लिए, अपने स्थानीय लोकप्रिय ब्रांडों के सब्लेन्डिंग को कॉपी करने का कोशिश करें। इसे अपने दिल में मत लेना अगर आप इसे शत प्रतिशत कॉपी नहीं कर सकते हैं, क्योंकि शत प्रतिशत नहीं किया जा सकता है। शत प्रतिशत तो मूल ब्लेंडर भी नहीं कर सकता है। सबसे पहले, आप सभी चाय ग्रेड अलग अलग से स्वाद का परीक्षण करें। इससे आपको हर ग्रेड का स्वाद अलग अलग से पता लग जायेगा। उस पर निर्भर करके, आप इसे छोटी मात्रा में मिलाये, जैसे के २० ग्राम का ब्लेंडिंग। फिर उसी 20 ग्राम ब्लेंडिंग का चाय बनाकर जाँच करे, अगर आपको यह पसंद हुआ, तो आपका काम हो गया । अगर आपको इसे पसंद नहीं है या आप इसे और सुधारना चाहते है तो, ग्रेड का अनुपात बदलें, और इसे फिर से जांचें। आपका पसंदिता ब्लेंडिंग के लिए शायद आपको बी ओ पि अस ऍम बढ़ाना पड़े या पि डी को बढ़ाना पड़े या फिर ओ एफ को कमाना पड़े। अलग अलग ग्रेड परसेंटेज से परीक्षण के बाद, जब आप संतुष्ट हो जाते हैं, तब आपका ब्लेन्डिंग तैयार हो गया । हमेशा याद रखें, जब जब आप चाय खरीदेंगे, हर बार इसका गुण अलग होगी, भले ही आप इसे एक ही बगिचेसे बार बार ख़रीदे। इस लिए हर खरीदारी के बाद आपको फिरसे ब्लेंडिंग प्रक्रिया करना पड़ेगा।
Surya Pratap Singh

Tea Blending Tutorials
       

        Simple procedure for Blending Tea and make it high quality tea. Tea blending is very important for launching your own packet tea or your own brand. Blending is an easy job. In a simple language blending means mixing a few items together. You can make one or more blends of tea for selling your own packet tea. Have you noticed, almost all packeted tea are mixture or blends of 4/5 types of tea. Blending of tea is done primarily for changing the basic taste of tea. Secondly, to enhance its taste and flavour. Thirdly, to maintain similar quality of tea or to maintain similar taste of tea. Fourthly, to cut down the cost of tea and make it more affordable to mass buyers. If you are an student of tea technology, you have already learnt that after production, tea is graded according its sizes. Every size of tea has got different taste and flavours. Simple rule is bigger the size of granules, higher flavour is there. On other side smaller sized granules make the tea, strong to stronger. That means BOPL will have more flavour than strength. Where as Dust will be more strong than have flavour. Do you remember, you had taken dip tea in last train journey. If you open those small tea bags, you will find 2 gram, either PD or Dust or a mix of these two grades in the tea bag. All buyers prefer strong tea with good flavour. But degree of strongness vary from buyer to buyer. Some might prefer too strong tea and some might prefer moderately strong tea. So to make a tea average strong you are required to modify its strength by either blending it with smaller grades or mixing high quality strong tea. Similarly, to keep or enhance its flavour, either use big or bigger size of granules or go for high cost high flavour tea. In the beginning of this article, we mentioned that almost all packet tea makers use 4/5 types of tea. Please check your home tea packet. You will find 4/5 types of tea in that. Some are bigger, some are medium, some are small some are powdery, some are black and some are brown. Even if you open same tea brand of different production months, very good possibility is there that sizes of tea granules in 2 packets are absolutely different. You may even find that there are subtle or in worse case differences of taste in two production months. From this above points, we will note down how to blend tea with zero mistake. As we have mentioned, bigger granules are used for flavour and smaller granule are for liquor. So use BPs, BOPL, BOP or BOPsm for flavour. BPs and BOPL are large in size, so these are not very eye soothing. So if you use these 2 grades then use these as low as possible. May 5 to 10%. BOP is acceptable in eyes. So this may be used more in quantity, may be 20%. Bopsm contains flavour and liquor. So that may be used more in quantity. If you use even 30% BOPsm, it will enhance your tea quality in every respect. Similarly BP is also contains both flavour and liquor. In fact, we consider BOPsm and BP as premium grades and generally these two grades fetch more price than other grades. Bp may be put 50 / 60% or more in a tea blend. OF grade contains more liquor than flavour. 20 / 30% OF in a blend will give you very strong liquor. PD and DUST similarly contain much more liquor and low to very low flavour. 10% PD is generally sufficient for any normal blend. It will make your tea very quickly in comparison to bigger sizes like BOP or BOPsm. Dust is powdery in size. It has a tendency to come down though strainer. It makes very quick and strong tea. It is mostly used to make tea bags. We suggest use 2 /3% or less in a standard blend of tea. To cut down cost and to maintain similar standard throughout the year, you may use both primary and secondary of all these grades. Tea gardens generally make BETTER tea from April to May. Best tea during June to August. Again Better tea from September - November (Except during Puja Flush). GOOD tea in DECEMBER and MARCH. Mid January to Mid March generally production remains closed in eastern Indian tea gardens. Depending on this callender you may increase or decrease quantity of primary or secondary. For example During JUNE to AUGUST, when tea is of BEST quality, you may increase secondary and cut down primary. That way you can maintain a standard quality and at low price. Again when tea is only GOOD quality during December onwards, you can increase primary and decrease or stop using secondary. When you actually blend tea, always make sure that colour of all the grades are as far as possible, similar, if not same. When you mix secondary with primary then there is a very good chance that there will be a variation of colour. Better remain careful when you buy tea. Many tea gardens in West Bengal forcefully make their tea appear blackish at the cost of its Strength. That type of tea is low priced and good for mixing or blending with good quality tea. To find most prefered blend for your area, try to copy your local popular brands' blending. Dont worry, if you can not copy it 100%, Because it can not be done. Neither original blender can make it also. First you blend it in small quantity, may be a blend of 20 grams. Taste it, if you like it, your job is done. If you do not like it or you want to improve it further, just change the grades' ratio. May be use more BOPsm and less PD or vice versa or any other combination to arrive at your best blend. Once you are satisfied, your blend is ready. One reminder. Everytime you buy tea, quality will be different every time, even if you buy it from same gardens. So the process of blending you will require to do after every purchase.
Suraj Pratap Singh

सीटीसी अथबा काले चाय का श्रेणी
       

        ई नए चाय व्यवसायी अक्सर प्राइमरी, सकेंडरी या आरपी चाय के बारे में भ्रमित हो जाते हैं। आसानि से समझने के लिए, हमने प्राइमरी, सेकेंडरी और आर पी चाय की व्याख्या करने का निर्णय लिया है। जब नए हरे पत्ते को संसाधित और वर्गीकृत किया जाता है, प्राइमरी चाय बन जाती है। प्राइमरी चाय हर चाय फेक्टरी की सर्वोत्तम चाय होता है। प्राइमरी चाय देखने मे उज्जल काला आर पीने में भी कड़क ओर सुगंधित होता है। प्राइमरी का कोवलिटी ओर दाम भी सबके ऊपर रहता है। अगर हरी पत्ती कोमल ओर छोटा आकार की है तो उससे ज्यादा परिमाण या पूरा ही प्राइमरी चाय बनता है। लेकिन अगर उसमे बड़ा ओर कर्कश हरि पत्ति है तो सॉर्टिंग मशीन उसे प्राइमरी चाय से अलग कर देते है। उसी अलग चाय को सेकेंडरी कहते है। सेकेंडरी कम काला या भूरा रंग के होते है। ओ प्राईमरी की जैसा उज्जल नही होते। उसमे फाइबर भी थोड़ा ज्यादा होता हैं। उसका स्वाद भी कम कडक ओर कम फ्लेवर का होते है। प्राइमरी और सेकेंडरी के कुछ परिमाण चायमें अधिक फाइबर होता है या बड़ा बड़ा आकार का होता है। इस चाय को फिरसे मशीन में चलाना पड़ता है। उसमे कुछ नया हरि पट्टी भी मिलाया जाता है। जैसे इसको फ्रेश चाय के जैसा लगे। इसीको आर पी या रेप्रोसेसड चाय बलते है। सीटीसी मशीनों में यह फिर से काटा जाता है जैसे कि नई चाय बनाई जा रही है। जैसे ये रद्दी से बनाया जाता है ओर दो बार मसीन में चलाया जाता है, इसी लिए इसका कोवलिटी सबसे नीचे ओर दाम सबसे सस्था होता है। सॉर्टिंग मसीन से सब चाय को अलग अलग साइज में बिभाग या ग्रेडिंग किया जाता है। फिर साइज के हिसाब से उसका नाम दिया जाता है। अगले बार इस बिभाग का अलग अलग चाय का नाम का चर्चा करेंगे। आप को अच्छा लगा तो शेयर करिए, जैसे के आपके दोस्तों को काम आए।
Sambhunath Singh

चाय व्यापार में कितना निवेश करें ।
       

        वैज्ञानिक रूप से चाय व्यापार में कितना निवेश करें । चाय व्यवसाय अन्य व्यवसायों की तुलना में आसान है। आप इसे छोटे या बड़े पूंजी के साथ शुरू कर सकते हैं। एक नया चाय व्यापारी को यह तय करना होगा कि उसे चाय के व्यापार को शुरू करने के लिए कितना चाय चाहिए ? उसे कितना निवेश करना है ? अपने हाथ में कितना चाय रखाना चाहिए ? यह हिसाब बहुत सरल है । एक कप चाय बनाने के लिए आपको ढाई ग्राम असम सीटीसी चाय की आवश्यकता होती है। एक दिन में एक भारतीय कम से कम 4 कप चाय लेता है। इसका अर्थ है कि दस ग्राम चायका ग्रैन्यूलस या पाउडर है। यदि आपका शहर या आपके लक्षित बाजार में दस लाख आबादी हो, तो सिर्फ दस ग्राम गुणा दस लाख समान एक हज़ार किलोग्राम बढ़ो। यह दैनिक उपभोग है। मासिक नहीं, याद रखें। दूसरी चीज याद रखना कि आप अपने शहर में चाय व्यवसाय शुरू नहीं कर रहे हैं। पहले से ही बड़े और छोटे विक्रेता चाय बेच रहे हैं और लाभ कमा रहे हैं। अब आप तय करें, आप कितना दुकान और मकान में बिक्री करेंगे। मान लीजिए आप पहले महीने में दो प्रतिशत बाजार को कवर करेंगे, दूसरे महीने में चार प्रतिशत, तीसरे महीने में पंज प्रतिशत और इसी तरह इसे बढ़ाएं। इसका मतलब है, आपके पहले महीने में, आप दो सौ किलो दैनिक और छह हज़ार किलो मासिक बेचेंगे। हमने रविवार को भी शामिल किया है। क्योंकि हम सभी रविवार को चाय पीते हैं, यहां तक ​​कि अधिक कप चाय पीते हैं । अब अपने हाथ में अपने स्टॉक के बारे में सोचो। न्यूनतम मात्रा कितना रखने की आवश्यकता है। चाय ब्रांड कुछ हद तक सिगरेट ब्रांड की तरह हैं । लेकिन सिगरेट जैसी हानिकारक नहीं हैं। यदि आप विल्स पीते हैं। तो आप प्रत्येक समय विल्स खरीद लेंगे। जब तक यह आपके इलाके में उपलब्ध है। जब यह आपके क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है। पसंदीदा ज़हर के लिए शायद एक या दो दिन हो सकता है आप अन्य क्षेत्र में खोज करने के लिए जाएंगे। लेकिन यदि यह सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं है, तो आप जल्द ही एक और आसानी से उपलब्ध ब्रांड चुन सकते हैं। आपके चाय खरीदार लगभग इसी तरह व्यवहार करते हैं । अगर वे आपकी चाय पसंद करते हैं, तो वे आसानी से उपलब्ध होने तक इसे ले जाएंगे। जिस दिन यह आसानी से उपलब्ध नहीं है। वे आपकी चाय आने के लिए इंतजार नहीं करेगा। लेकिन अगले आसानी से उपलब्ध ब्रांड खरीदी लेंगे। इसलिए दुकान की स्टॉक खत्म होने से पहले दुकानों को फिर से भरने के लिए आपके पास पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए। तीसरा निर्णय पर आपको यह विचार करने की आवश्यकता है कि आपके आपूर्तिकर्ताओं से चाय प्राप्त करने के लिए कितना समय लगता है। यदि यह दो सप्ताह है, तो आपको कम से कम 2 सप्ताह का स्टॉक होना चाहिए या ज्यादा। इन निवेशों के अलावा, आपको अपने कार्यालय के व्यय और आपके बिक्री कर्मियों के खर्चों के बारे में फैसला करना होगा। ये विभिन्न जगह पर बहुत व्यापक रूप से भिन्न होते हैं। यह आप तय कर सकते हैं ।
Swarup Singh

चाय व्यवसाय कैसे शुरू करें *****?
       

        चाय का व्यवसाय आसान और लोकप्रिय है और आप इसे किसी भी स्थान पर शुरू कर सकते हैं चाय भारत भर में लोकप्रिय है, आप मुख्य बाजार या लेन में चाय की बिक्री शुरू कर सकते हैं। आपको हर जगह ग्राहक मिलेगा चाय व्यापार शुरू करने के लिए | आप अकेले सुरु कर सकते हैं ईया साझेदार लेके कर सकते है। साझेदारी व्यापार के लिए, आपको व्यापार लाइसेंस प्राप्त करने या बैंक खाते बनाने के लिए साझेदारी विलेख प्रस्तुत करना आवश्यक है। अकेले सुरु करने के लिए विलेख जरूरत नही। लेकिन आपको व्यापार लाइसेंस आवेदन पत्र के साथ पता प्रमाण, आईडी प्रमाण, फोटो इत्यादि को और एक छोटा शुल्क जमा करने की आवश्यकता होगी। आम तौर पर, नगर प्राधिकरण, 7 दिनों के भीतर खुशी से व्यापार लाइसेंस जारी करेगा। इसके बाद, आपको GST registration बनाने की आवश्यकता है | राज्य जीएसटी -- अगर आप अपने राज्य में बेचना चाहते हैं, और आपको चालू खाते की आवश्यकता है। राज्य जीएसटी पंजीकरण आपके राज्य के भीतर व्यापार करने के लिए है और केंद्रीय जीएसटी पंजीकरण पूरे भारत में व्यापार करने के लिए है | चूंकि चाय एक बहुत लोकप्रिय पेय है और आपूर्तिकर्ताओं / उत्पादक असम, Dooars और भारत के केरल में स्थित हैं, मैं सेंट्रल जीएसटी के लिए रजिस्टर का सुझाव देता हूं। कौन जानेै, हो सकता है कि आप कांगड़ा घाटी से चाय खरीद के असम में किसी दिन बेचेंगे। जीएसटी पंजीकरण आमतौर पर 15 से 21 दिन लगते हैं। आपके अनुमानित कारोबार के आधार पर वे शुल्क का भी शुल्क लेते हैं अब सरकार खुश हो जाती है, जब आप एक व्यवसाय शुरू करते हैं। बैंक खाते खोलने में 2 दिन का समय लग जाएगा। तो व्यापार लाइसेंस के लिए आवेदन करने के 1 महीने के भीतर, आप अपना चाय व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार हैं। अब आगे की योजना और पूछताछ करने के लिए इस 1 महीने का उपयोग करें। योजना 1- आप किस प्रकार की चाय बेचना चाहते हैं ? --- सीटीसी, orthodox, ग्रीन टी, हस्तनिर्मित चाय या सभी उत्पादों और मसाला चाय, बांस चाय, हर्बल चाय जैसे मिश्रण भी रखें ? योजना 2 -कहांसे आप अपनी चाय खरीदने जा रहे हैं? --- हमेशा की तरह, source से chai खरीदना बेहतर है। तो एक सप्लायर का पता लगाएं जो कि www.assamteasellers.in जैसे चाय का उत्पादन करता है। योजना 3 - चाय की कीमत 70 रुपये से लेकर 7000 रुपये से अधिक हो सकती है - आपकी वरीयता क्या है? यदि आप एक बड़े शहर में हैं तो आप सभी गुणों और सभी मूल्य सीमाओं को chai बेचने का प्रयास कर सकते हैं। लेकिन एक छोटे से टाउन या शहर में, उच्च दाम चाय से कम ओर मध्यम कोवलिटी अधिक लोकप्रिय हो जाएगा। योजना 4- khola चाय या पैकेट चाय? --- आप थोक में चाय खरीद सकते हैं और 500 ग्राम, 1 किलो का पॉलीपैक पैक कर सकते हैं और इसे बेच सकते हैं। अगर यह किसी भी लेबल के बिना है, तब कोई अतिरिक्त कर को आकर्षित नहीं करेगा। यह अपनी सुगंध, शेल्फ लाइफ को बनाए रखेगी और बढ़ाएगी और अंत में एक बार आपकी chai ki दुकान लोकप्रिय हो जाएगी, आप अपना खुद का ब्रांड पेश करेंगे। जब आप इन सभी निर्णयों को लेते हैं, तो आप चाय व्यवसाय शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम आपको, आश्वस्त करते हैं, 1 साल बाद आप चाय व्यवसाय शुरू करने के फैसले को पसंद करेंगे। चीयर्स !!
Raghubendra Chohan

Tea Tasting, CTC Tea
       

        Tea tasting is a very important part for starting and running a tea business-- successfully. Apparently, its not an easy task. A tea taster can differentiate over 600 different taste of tea. Full fledged academic courses are there to learn tea tasting. It varies from 45 days to 1 year.
It will definitely be an advantage, if you are a qualified tea taster. You will be able to understand tea quality and its reasonable price immediately.
But most probably, tea tasting course is not available in your city, or you may not have time to pursue the course.
Do not break down, every person is a tea taster. It is always better to do a course, but if you can not, just follow these guidelines to taste tea.
If yo want to follow tea tasting technique, please arrange these small equipments--10 Tea testers mugs 100 ML size with lead, 10 Tea Bowls, 10 small tea box, 1 Tea Spoon, 2000 watt Electric cattle 1 or 2 litre size, A sand watch or electronic stop watch, a electronic scale 20 gram capacity. First of all
Put water in electric heater and boil the water.
measure each type of tea separately 2 gram each from the tea box with the electronic scale. Put the measured tea in each cup, keep tea box aligned parrallel to the cup, so that you can recognise it.
Put 2 gram tea to the tester cup then fill boiled water in the cup upto the brink, put the lead on and wait for 5 minutes for tea steeping using electronic watch.
Now pour the content of cups to tea bowls and align it to the cups and tea box. But Do not pour the tea leaves on the bowls. Put the leaves on lid of the cup, so that you can check it visually.
Now its time for actual tasting.
Take the first bowl in your hand, sip a good mouthful of tea, start rolling on your tounge. Let your taste bud feel the taste. If you are not sure in the first sip, threw it out in a basket and take another sip.
When you are satisfied, that its taste is clear to you, check the cup for infusion, its colour, smell.
Write it down in a piece of paper------ 1. What is the colour of tea and infused leaf ? Is it bright or dull colour ? Or is there any greenish taint at side part of cup ?
2. How does the tea taste ?
3. How does it smell ?
4. Does to smell of any non tea item, even a faint smell ?
Some important things you must remember here---- A. Price of tea must not influence your judgement.
B. You are not a professional Tea Taster, You are tasting tea for selecting tea for your business. So find out the taste, which are prefered by your buyers. You may or may not require very high quality tea.
You may improvise the equipments with your home cups, water heater, wrist watch etc but 2 gram tea and 5 minutes steeping time must be maintained. You may also mix milk to find out the look of final product.

Sangram Singh

Non Tea But Called Tea making technique
       

        Hello, tea lovers! Today I am going to share with you my secret recipe for making the most delicious and aromatic masala tea ever. Masala tea is not actually tea. It is a hot beverage made with water, whole spices, black tea powder, sugar and milk. It is very popular in India and has many health benefits. Masala tea can soothe your throat, boost your immunity, improve your digestion and warm your soul.

But not all masala teas are created equal. Some are too bland, some are too bitter, some are too milky and some are too spicy. How do you make the perfect balance of flavors and aromas? Well, follow my simple steps and youll be sipping the best masala tea of your life in no time.

Step 1: Gather your ingredients. You will need:

- 2 cups of water
- 1 cup of milk (preferably full-fat)
- 2 teaspoons of black tea powder (I use CTC or mamri tea)
- 2 tablespoons of sugar (or more or less according to your taste)
- A small piece of ginger, peeled and crushed
- 2 green cardamoms, lightly crushed
- 2 cloves
- A small piece of cinnamon stick
- A pinch of nutmeg powder (optional)

Step 2: Boil the water and milk in a saucepan with the spices and ginger. Bring it to a boil and then lower the heat. Simmer for about 15 minutes, stirring occasionally. Watch out for the milk boiling over, or you will have a mess on your stove.

Step 3: Add the tea powder and sugar and let it brew for another minute or two. You can adjust the strength of the tea by adding more or less tea powder. I like mine strong and dark, so I add more.

Step 4: Strain the tea into cups or mugs using a fine mesh strainer or a cheesecloth. Enjoy your hot and fragrant masala tea with some biscuits, cookies or snacks of your choice.

There you have it, my ultimate masala tea recipe that never fails to impress. Try it out and let me know what you think. And dont forget to share this post with your friends and family who love tea as much as you do. Cheers!

Symon Ratnak
Previous     1   2   3   4  


All articles are registered, Copyright protected.